फ़रीदपुर, 20 अगस्त 2025
इत्तेहाद-ए-मिल्लत कौंसिल फ़रीदपुर की जानिब से उर्स-ए-रज़वी के मौक़े पर एक पुरवक़ार प्रोग्राम के तहत दरगाह आला हज़रत, बरेली शरीफ़ पर फूलों की चादर पेश की गई। इस सिलसिले में बाइक से एक शानदार क़ाफ़िला रवाना हुआ, जिसने पूरे शहर में अमन, मोहब्बत और भाईचारे का पैग़ाम दिया।
इस क़ाफ़िले की क़ियादत इत्तेहाद ए मिल्लत काउंसिल के हाजी साकिर (नगर अध्यक्ष) साहब ने की, जिनके हमराह सक़रुद्दीन मास्टर साहब (नगर उपाध्यक्ष), मो. समीर (मीडिया प्रभारी अध्यक्ष) और तमाम पदाधिकारी वा मेंबर्स मौजूद रहे। क़ाफ़िले में शामिल नौजवान और कारकुनान बड़े जोशो-ख़रोश और अदब के साथ नज़्म व ज़ब्त का मुज़ाहिरा कर रहे थे। रास्ते भर लोगों ने इस क़ाफ़िले का पुरजोश इस्तक़बाल किया और फूल बरसाकर मोहब्बत का इज़हार किया।
दरगाह आला हज़रत बरेली शरीफ़ पहुँच कर इत्तेहाद-ए-मिल्लत कौंसिल के ज़िम्मेदारान और अहदेदारान ने बड़े अदब व एहतराम के साथ फूलों की चादर पेश की और मुल्क व मिल्लत की सलामती, अमन और तरक़्क़ी के लिए दुआएँ कीं।
इस मौक़े पर मो. समीर (मीडिया प्रभारी अध्यक्ष) ने कहा कि उर्स-ए-रज़वी सिर्फ़ एक यादगार रस्म नहीं, बल्कि आला हज़रत के पैग़ाम-ए-मोहब्बत और इल्म को ताज़ा करने का ज़रिया है। वहीं, सक़रुद्दीन मास्टर (नगर उपाध्यक्ष) ने अपने बयान में कहा कि आला हज़रत की दरगाह से हमेशा इत्तेहाद, भाईचारे और मोहब्बत का पैग़ाम मिलता आया है और आई.एम.सी. की कोशिश यही है कि उस पैग़ाम को आगे बढ़ाया जाए।
इस पूरे सफ़र में क़ाफ़िला इंतिहाई पुरअमन रहा और हर शख़्स ने इत्तेहाद-ए-मिल्लत कौंसिल की इस पहल को क़ाबिले-तारीफ़ क़रार दिया।
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